GENERAL KNOWLEDGE

GENERAL KNOWLEDGE GENERAL KNOWLEDGE
0 0
MAKE AN ENQUIRY
SEND
SHARE WITH OTHERS
See new updates

GENERAL KNOWLEDGE

Latest Updates

भारत रत्न से सम्मानित हस्तियों की सूची निम्नलिखित है —
1. वर्ष 1954 : चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (1878–1972)
2. वर्ष 1954 : डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1888–1975)
3. वर्ष 1954 : डॉ. चन्द्रशेखर वेंकटरमन (1888–1970)
4. वर्ष 1955 : डॉ. भगवान दास (1869–1958)
5. वर्ष 1955 : डॉ. मोक्षागुंडम विश्वेश्वरैया (1861–1962)
6. वर्ष 1955 : जवाहरलाल नेहरू (1889–1964)
7. वर्ष 1957 : गोविन्द बल्लभ पंत (1887–1961)
8. वर्ष 1958 : डॉ. धोडो केशव कर्वे (1858–1962)
9. वर्ष 1961: डॉ बिधाचन्द्र राय (1882–1962)
10. वर्ष 1961: पुरुषोत्तमदास टण्डन (1882–1962)
11. वर्ष 1962: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (1884–1963)
12. वर्ष 1963: डॉ. जाकिर हुसैन (1897–1969)
13. वर्ष 1963: डॉ. पांडुरंग वामन काणे (1880–1972)
14. वर्ष 1966: लालबहादुर शास्त्री (मरणोपरांत) (1904–1966)
15. वर्ष 1971: इन्दिरा गांधी (1917–1984)
16. वर्ष 1975: वराहगिरि वेंकटगिरि (1894–1980)
17. वर्ष 1976: कुमारास्वामी कामराज (मरणोपरांत) (1903–1975)
18. वर्ष 1980: मेरी टेरेसा बोजाक्सिऊ (मदर टेरेसा) (1910–1997)
19. वर्ष 1983: आचार्य विनोबा भावे (मरणोपरांत) (1895–1982)
20. वर्ष 1987: खान अब्दुल गफ्फार खाँ (1890–1988)
21. वर्ष 1988: मरुदु गोपालन रामचन्द्रन (मरणोपरांत) (1917–1987)
22. वर्ष 1990: डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर (मरणोपरांत) (1891–1956)
23. वर्ष 1990: डॉ. नेल्सन रोहिल्हाल्हा मंडेला (1918–2013)
24. वर्ष 1991: राजीव गांधी (मरणोपरांत) (1944–1991)
25. वर्ष 1991: सरदार वल्लभभाई पटेल (मरणोपरांत) (1875–1950)
26. वर्ष 1991: मोरारजी रणछोड़जी देसाई (1896–1995)
27. वर्ष 1992: मौलाना अबुल कलाम आजाद (मरणोपरांत) (1888–1958)
28. वर्ष 1992: जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा (1904–1993)
29. वर्ष 1992: सत्यजीत रे (1922–1992)
30. वर्ष 1997: अरुणा आसफ अली (मरणोपरांत) (1909–1996)
31. वर्ष 1997: गुलजारीलाल नंदा (मरणोपरांत) (1898–1998)
32. वर्ष 1997: डॉ. अवुल पकीर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (जन्म 1931)
33. वर्ष 1998: मदुराई षण्मुखावैदीवु सुब्बालक्ष्मी (1916–2004)
34. वर्ष 1998: चिदम्बरम सुब्रमण्यम (1910–2000)
35. वर्ष 1999: लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मरणोपरांत) (1902–1979)
36. वर्ष 1999: प्रोफेसर अमर्त्य सेन (जन्म 1933)
37. वर्ष 1999: लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई (मरणोपरांत) (1890–1950)
38. वर्ष 1999: पंडित रविशंकर (1920–2012)
39. वर्ष 2001: लता मंगेशकर (जन्म 1929)
40. वर्ष 2001: उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ (1916–2006)
41. वर्ष 2008: प. भीमसेन जोशी (1922–2011)
42. वर्ष 2013: सचिन रमेश तेंदुलकर (जन्म 1973)
43. वर्ष 2013: प्रो. सीएनआर राव (जन्म 1934)
44. वर्ष 2014: अटलबिहारी वाजपेयी (जन्म 1924)
45. वर्ष 2014: महामना मदन मोहन मालवीय (1861–1946)

   Over a month ago
SEND

1. भारत के कुल कितने राज्य तटीय रेखा से लगे हुए हैं।
- नौ
2. डुरंड रेखा का निर्धारण कब किया गया था।
- 1816
3. मैकमोहन रेखा का निर्धारण कब किया गया था।
- 1914
4. भारत का सबसे दक्षिणी प्वॉइंट कौनसा है।
- इंदिरा प्वॉइंट
5. विधान परिषद् का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा है।
- 30 वर्ष
6. सबसे कम विधान परिषद् के सदस्य किस राज्य में है।
- जम्मू-कश्मीर (36)
7. ऑस्कर पुरस्कार किसके द्वारा दिया जाता है।
- नेशनल अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज अमेरिका
8. मरणोपरांत किसी को भी नोबेल पुरस्कार नहीं दिए जाने का नियम कब बनाया गया।
-1974
9. मरणोपरांत नोबेल पुरस्कार किसको दिया गया था।
- एरि एक्सेल कार्लफल्डट, डैग हैमरसोल्ड
10. एकता स्थल किसका समाधि स्थल है।
- ज्ञानी जैल सिंह
11. लाल बहादुर शास्त्री के समाधि स्थल का नाम क्या है।
- विजय घाट
12. कल्याणी अम्मा, भारती शिवाजी शांताराव का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य से है।
- मोहिनी अट्टम
13. राधा रेड्डी, राजा रेड्डी, स्वप्न सुंदरी का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य से है।
- कुचिपुड़ी
14 उस्ताद बिंदु खां का संबंध किस वाद्ययंत्र से है।
- सारंगी
15. दयाशंकर जगन्नाथ, अली अहमद, हुसैन खां का संबंध किस वाद्ययंत्र से है।
- शहनाई
16. भजन सोपोरी, शिव कुमार शर्मा का संबंध किस वाद्ययंत्र से है।
- संतुर
17. किशन महाराज, गुदई महाराज का संबंध किस वाद्ययंत्र से है।
- तबला
18. नियंत्रक महालेखा परीक्षक की नियुक्ति कौन करता है।
- राष्ट्रपति
19. अफ्रीका को यूरोप से पृथक करती है।
- जिब्राल्टर जलसंधि

   Over a month ago
SEND

1. निपन के नाम से जाना जाता था=> जापाना ।
2. जड़ते सूर्य का देश/ उगते हुए सूर्य की भूमी/
सूर्योदय का देश/ लैँड ऑफ राइजिँग सन=> जापान ।
3. डुबते सूर्य का देश=> ब्रिटेन ।
4. दस लाख हाथियोँ की भूमी=> लाओस ।
5. सफेद हाथियोँ का देश=> थाइलैँड ।
6. थाईलैँड का प्राचीन नाम=> सयाम ।
7. चावल का देश/ धान का कटोरा=> थाइलैँड ।
8. पूर्व का मोती=> श्रीलंका ।
9. चारागाहोँ का स्वर्ग=> न्यूजीलैँड/ऑकलैँड ।
10. दक्षिण का ब्रिटेन=> न्यूजीलैँड ।
11. अग्निद्वीप=> आइसलैँड ।
12. डच ईस्ट इण्डिज किस देश का नाम था=>
इण्डोँनेशिया ।
13. वनोँ का देश=> कागोँ प्रजातांत्रिक ।
14. चीनी का कटोरा/भंडार/प्याला=> कयूबा ।
15. एंटीलीज का मोती=> कयूबा ।
16. यूरोप के किस देश को लघु यूरोप
कहा जाता है=> फ्रांस ।
17. यूरोप का रोगी/मरीज=> तुर्की , (सबसे
लम्बा व्यक्ती सुलतान कोसेन 8 फुट 3 इंच इसी देश
का हैँ ) ।
18. एशिया का प्रवेश द्वार=> तुर्की ।
19. हजार झीलोँ कि भूमि=> फिनलैँड ।
20. झीलोँ का देश=> स्कॉटलैँड ।
21 केकोँ का देश=> स्कॉटलैँड ।
22. स्वर्णिम पेँगोडा का देश=> म्यांमार ।
23. अर्द्धरात्रि के सूर्य का देश=> नार्वे (21 जून
को अर्द्धरात्रि मेँ सूर्य दिखाई देता हैँ) ।
24. पश्चिमी एशिया का स्वीटजरलैँड=> लेबनान ।
25. हॉर्न ऑफ अफ्रिका मेँ शामिल देश=>
इथियोपिया , सोमालिया , जिबोती ।
26. किस देश को मगंरीब => (3 देश)- मोरको ,
अलजीरिया , ट्यूरेशिया ।
27. सांपो का देश=> ब्राजील ।
28. विश्व का कहवा पात्र=> ब्राजील ।
29. विश्व की हेली पोर्ट की राजधानी=> दक्षिण
कोरीया ।
30. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप का प्रवेश द्वार=>
वेनेजुएला ।
31. लीटिल/छोटा वेनिस=> वेनेजुएला ।
32. कंगारूओँ का देश=> ऑस्ट्रेलिया ।
33. प्यासी भूमि का देश=> ऑस्ट्रेलिया ।
34. यूरोप का अखाड़ा=> बेलिजयम ।
35. यूरोप का खेल का मैदान=> स्वीटजरलैँड ।
36. यलो पेरील=> चीन ।
37. यूरोप का भारत=> इटली ।
38. संगमरमर की भूमि=> इटली ।
39. नील नदी का वरदान=> मिश्र ।
40. पवनचक्कियोँ की भूमी=> नीदरलैँड ।
41. हजार पहाड़ियोँ का देश=> अफगानिस्तान ।
42. प्रात:कालिन शांति की भूमी=> कोरिया ।
43. पवित्र भूमि के नाम से किसे जाना जाता है=>
फिलिस्तीन ।

   Over a month ago
SEND

गूगल क्रोम ऐप स्टोर
पर कभी गए क्या?
जीमेल के बहुत से फीचर्स से आज भी हम अनजान हैं, लेकिन उन्हें जान लें, तो पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी आसान हो सकती है। इसके लिए गूगल क्रोम ऐप स्टोर पर जाना होगा।
गूगल की मशहूर ईमेल सेवा जीमेल के बिना तो अब हम अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकते। इसके बावजूद जीमेल के बहुत से फीचर्स से हम आज भी अनजान हैं, जबकि ये फीचर्स हमारी कार्यप्रणाली को आसान बना सकते हैं। ऐसे कई फीचर्स हैं, जिन्हें गूगल क्रोम एेप स्टोर पर जाकर थर्ड पार्टी एक्सटेंशन एडऑन करके अपने जीमेल से जोड़ा जा सकता है। साथ ही कई फीचर्स हमें गूगल लैब से भी मिल सकते हैं, जो कि जीमेल की सेटिंग्स में जाकर आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
प्री-शेड्यूल मैसेज
अगर दोस्त का बर्थ-डे या कोई जरूरी तारीख भूल जाते हैं या फिर ऑफिस की कोई जानकारी किसी खास समय पर देना चाहते हैं, तो यह फीचर आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। प्री-शेड्यूल मैसेज की मदद से पहले से कम्पोज और फॉरवर्ड की गई मेल निर्धारित तारीख या समय पर डिलिवर हो जाती है। आप हर महीने दस फ्री मैसेज भेज सकते हैं। इससे ज्यादा मैसज भेजने पर आपको पैसे खर्च करने पड़ेंगे। 
स्नूज ई-मेल
अक्सर आपके पास ऐसे मेल आते हैं, जो आपके लिए जरूरी तो होते हैं, पर उस दिन नहीं, जिस दिन वो फॉरवर्ड किए गए हों। ऐसे में उस मेल को याद रखना सबसे बड़ी चुनौती हो जाती है। आपकी इस समस्या का समाधान गूगल क्रोम का एक्सटेंशन स्नूज ई-मेल कर सकता है। इसका इस्तेमाल करके आप इनबॉक्स में नीचे दब चुके मेल को अपनी जरूरत के समय अपनी आंखों के सामने, यानी इनबॉक्स के टॉप में पाएंगे।
आपका मेल पढ़ा गया या नहीं
आप अपने मेल के जवाब का इंतजार करते रहते हैं और सामने से जवाब आता है कि सॉरी मेल देखा ही नहीं। ऐसे में मजबूरन हमें उसकी बात पर भरोसा करना पड़ता है। पर, अब ऐसा नहीं होगा। अब आप गूगल क्रोम के ट्रैकिंग एक्सटेंशंस की मदद से यह जान सकते हैं कि आपका मेल पढ़ा गया या नहीं। इतना ही नहीं, आपको यह भी मालूम चल जाएगा कि आपका मेल कितनी बार खोला गया। मेल खोलते वक्त वो शख्स कहां था और उसने किस डिवाइस पर आपका मेल खोला था।
मेल यूज करें ऑफलाइन
गूगल का एक एेप ‘जीमेल ऑफलाइन’ भी है। इसको अपने पीसी, लैपटॉप या मोबाइल पर डाउनलोड करके आप बिना इंटरनेट कनेक्शन के अपने मेल पढ़ सकते हैं। आप इन ईमेल्स को मैनेज करने के साथ वो मैसेज कंपोज भी कर सकते हैं, जिन्हें आप ऑनलाइन होने के बाद किसी को भेजना चाहते हैं। ट्रायल के तौर पर आप इसे तीस दिनों तक फ्री में इस्तेमाल कर सकते हैं।
एसएमएस पर होगा मेल
दौड़ती-भागती जिंदगी में हर वक्त ऑनलाइन रहना मजबूरी है। कई बार ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं होता। ऐसे में आपका कोई जरूरी मेल न छूटने पाए, इसके लिए आप ‘अवे फाइंड’ नाम की एक पेड सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके चलते आपको बार-बार मेल चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेल आपके फोन के मैसेज बॉक्स में ब्लिंक करने लगेगा।
एक साथ चेक करें कई मेल
अगर आप व्यस्त हैं और आपके इनबॉक्स में ढेर सारे मेल आ चुके हैं। तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। गूगल लैब में एक आसान तरीका है, जिससे आप कई सारे ईमेल एकांउट एक साथ चेक कर सकते हैं। गूगल लैब का इस्तेमाल जीमेल लॉग-इन करके सेटिंग में जाकर किया जा सकता है।
एप्वाइंटमेंट करें शेड्यूल
गूगल लैब में एक ऐसा फीचर है, जिसकी मदद से आपके इनबॉक्स के पास गूगल कैलेंडर शो होने लगता है, जिसकी मदद से आप अपने सभी एप्वाइंटमेंट को शेड्यूल कर सकते हैं।
मेल आते ही रिप्लाई
अगर आप छुट्टी पर हैं और चाहते हैं कि कोई आपको इस बीच डिस्टर्ब न करे, तो गूगल लैब में आपकी इस समस्या का भी समाधान है। गूगल लैब के फीचर से आप कुछ खास एकाउंट्स से आने वाली मेल्स का जवाब पहले से ही कम्पोज करके रख सकते हैं। उन एकाउंट्स से आपके इनबॉक्स में आने वाली मेल का जवाब अपने आप फॉरवर्ड हो जाएगा।
-दिव्यानी त्रिपाठी

   Over a month ago
SEND


By
Bikram Kumar Singh
सूचना एवं तकनीक के इस युग में सब कुछ संभव है. क्या कभी आपने कल्पना की थी कि एक बटन दबाते ही आपकी 3 घंटे की मूवी 1 सेकंड में डाउनलोड हो जाएगी, डाटा ट्रांसफ़र करने के लिए पेन ड्राइव की ज़रूरत न पड़े. नहीं न! लेकिन ये शत प्रतिशत सच है. क्योंकि हमारे बीच एक ऐसी तकनीक आ गई है जो डिजिटल दुनिया में धूम मचाने वाली है. अब तक आपने Wi-Fi का नाम तो ख़ूब सुना होगा, बहुत लोग दैनिक जीवन में इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं. लेकिन हमारे बीच जल्द ही Li-Fi (Light Fidelity ) आने वाली है, इसकी स्पीड Wi-Fi से 100 गुना तेज़ है . हाल ही में Li-Fi का पहली बार लैब से बाहर एक्सपेरिमेंट हुआ जो सफ़ल रहा है. वेल्मेनी कंपनी के सीईओ दीपक सोलंकी का कहना है कि हम इस तकनीक पर बेस्ड प्रोजेक्ट्स इंडस्ट्री में लाने जा रहे हैं. यह कम खर्चीला भी है. इसकी और भी कई ख़ूबियां है जो हमारे लिए बहुत उपयोगी हो सकती है.
1. Li-Fi तकनीक में LED बल्ब के जरिए इंटरनेट एक्सेस किया जाता है.

2. इसके लिए LED बल्ब में एक माइक्रोचिप लगाई जाती है.

3. ये Wi-Fi के मुकाबले ज्यादा सेफ़ है, क्योंकि लाइट दीवार को पार नहीं कर पाती है.

4. इसकी खोज 2011 में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट हेराल्ड हास ने की थी.

5. यह विज़िबल लाइट कम्युनिकेशन (वीएलसी) पर बेस्ड है.

6. ये बाइनरी कोड में ट्रांसमिट होती है.

News Source: Thewire/
Click Here

   Over a month ago
SEND

hi

   Over a month ago
SEND